Monday, 2 June 2025

 यात्रा (13)


सुन्दर बन.

 

सुंदरवन नेशनल पार्क दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रोव जंगल के रूप में जाना जाता हैं। सुंदरवन नेशनल पार्क भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है। सुंदरवन नेशनल पार्क एक टाइगर रिज़र्व और एक बायोस्फीयर रिज़र्व भी है, यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए रॉयल ​​बंगाल टाइगर्ससे लेकर खूबसूरत स्वर निकालने वाली नदियों और खूबसूरत प्रकृतिक परिवेश का आनंद उठा सकते हैं।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान सुंदरवन डेल्टा का अहम भाग हैं, जोकि मैंग्रोव वन और बंगाल टाइगर्स की सबसे बड़ी आबादी के रूप में जाना जाता हैं। वर्ष 1987 में सुन्दर वन नेशनल पार्क यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था।वर्ष 1966 के बाद से ही सुंदरवन एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में जाना गया हैं। लगभग 400 से अधिक रॉयल बंगाल टाइगर हैं और 30000 से अधिक चित्तीदार हिरण क्षेत्र में पाए गए थे। गंगा नदी एक आकर्षित डेल्टा बनाती हैं।

नेशनल पार्क पश्चिम बंगाल राज्य में गंगा नदी पर एक आकर्षित सुंदरवन डेल्टा पर स्थित हैं।

 

(Sundarban Forest Animals) सुंदरवन नेशनल पार्क में जानवरों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमे से कुछ किंग क्रेब्स, बाटागुर बास्का, ओलिव रिडले और कछुए हैं। इन जंगलों में विशाल छिपकलियां, जंगली सूअर, चित्तीदार हिरण और मगरमच्छ भी देख सकते हैं। सुंदरबन एनिमल्स सबसे प्रमुख आकर्षण साइबेरियाई बतख हैं। सुंदरवन में पानी में पाए जाने वाले छोटे-छोटे जीवो को फाइटोप्लांकटन कहा जाता है जोकि अंधेरे में चमकता है। सुंदरवन को विशेष रूप से दुनिया में बाघों के लिए जाना जाता हैं। यहाँ पाए जाने वाले बाघों ने खुद को खारा पानी पीने के अनुकूल किया हैं। रीसस मकाक, फिशिंग कैट्स, चीतल, जंगली सूअर, छोटे भारतीय सिवेट, लेपर्ड बिल्लियाँ, कॉमन ओटर और ब्लैक फ़िनलेस पोरपाइज़ आदि पाए जाते हैं। डॉल्फ़िन नदी के पानी में दो प्रकार के डॉल्फ़िन गंगेटिक डॉल्फ़िन और इरावाडी डॉल्फ़िन पाए जा सके अलावा यहाँ पाए जाने वाले सरीसृप में एस्टुआरिन क्रोकोडाइल (क्रोकोडिलस पोरोसस), रसेल वाइपर, किंग कोबरा, इंडियन पायथन, कॉमन क्रेट, कोबरा, रैट स्नेक, चेकर्ड केलबैक और ग्रीन व्हिप स्नेक प्रमुख हैं। पश्चिम बंगाल में सांपों की आबादी का 93 में से 57 प्रकार की प्रजाति इसी जंगल में पाई जाती हैं। सुंदरवन 210 से अधिक पक्षियों की प्रजाति का दावा करता हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में मुख्य रूप से शॉर्ट टॉड ईगल, सैंडपाइपर, व्हिम्ब्रेल्स, स्पूनबिल्स, ओरिएंटल हनी बज़र्ड, हेरोन्स, स्टिल्ट्स, थिक केन, ऑस्प्रे और क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल, ग्रीन शैंक्स, करलेव, ऑस्प्रे, शिकारा, ब्राह्मणी पतंग आदि हैं। सुन्दरवन नेशनल पार्क में पानी में पाए जाने वाले भारतीय डॉग शार्क, हैमर हेडेड शार्क, बुल शार्क, ब्लैक टिप शार्क, पेल एडेड स्टिंग रेज, पेल एडेड स्टिंग रेज और ब्लैक एडेड स्टिंग रेज प्रमुख हैं।

नेशनल पार्क में पाई जाने वाली वनस्पति में मैंग्रोव वनस्पतियों के साथ-साथ नम उष्णकटिबंधीय वन पाए जाते है। मैंग्रोव की कई प्रजातियाँ को यहाँ देखा जा सकता हैं। सुंदरी पेड़ (हेरिटियर फॉम्स) इसकी आबादी जंगल में बहुत अधिक हैं इसी धारणा के चलते इस जंगल का नाम सुंदरवन रखा गया हैं। इसके अलवा यहाँ पाई जाने वाली मैंग्रोव की अन्य प्रजातियां ग्यूवा (एक्सोकेरिया एग्लोचा)कांकरा (ब्रूगुएरा जिम्नोरिज़ा), और गोरान (सेरियोप्स डिकेंड्रा)केओरा (सोननेरिया एपेटाला), धुंडुल (ज़ाइलोकार्पस ग्रैनटम) आदि हैं। जंगल में पाम ट्री की प्रजातियां, स्पीयरग्रास और खगरा घास भी अधिक पाए जाते हैं।

नेशनल पार्क में स्थानीय पर्यटक न्यूनतम शुल्क पर घूमने जा सकते हैं। जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए कोलकाता वन कार्यालय द्वार एक विशेष परमिट लेना होता हैं जिसे फारेस्ट अधिकारी के सामने प्रस्तुत करना जरूरी होता हैं एंट्री के वक्त और यह परमिट 5 दिन तक मान्य रहता हैं।

नेशनल पार्क की यात्रा के दौरान आप यहाँ कुछ प्रमुख सफारी का आनंद ले सकते हैं और अपनी यात्रा को सफल और रोमांचित बना सकते हैं। सुंदरवन नेशनल पार्क में नाव सफारी सरकार द्वारा संचालित की जाती हैं जोकि छोटे और बड़े रूप में उपलब्ध हैं। बोट सफारी को एक दिन या इससे भी लम्बी अवधि के लिए बुक किया जा सकता हैं। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली क्रूज 2 नाइट क्रूज आपको सजनेखाली, सुधन्याखाली, झिंगाखाली और डोबंकी प्रहरीदुर्ग तक की यात्रा पर ले जाता हैं। अगर आप चाहे तो निजी क्रूज पर्यटन प्ताह के सातो दिन बोट सफारी चलती है सुबह 8:30 बजे से शाम 4 बजे तक। शाम को 6:30 बजे के बाद बोट को नही चलाया जाता है।से भी यहाँ का लुत्फ़ उठा सकते हैं।

भ्रमण कहां करें.

 

नेतिधोपानी

नेतिधोपानी सुंदरवन की यात्रा के दौरान एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं, जोकि लगभग 400 साल पुराना मंदिर हैं। नेतिधोपानी मंदिर में पूजा करने के लिए पर्यटकों की भीड़ बड़ी संख्या में सुंदरबन की यात्रा पर आती हैं।

सुधन्याखाली वाच टावर सुंदरवन का एक प्रमुख पर्यटन स्थल हैं और यहाँ से बाघों की घनी आबादी को पर्यटक अपनी आँखों से देख सकते हैं। इसके अलावा पर्यटक सुंदरवन के अन्य वन्यजीवों जैसे- अक्ष मृग और मगरमच्छों आदि को भ देख सकते हैं। यह टावर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं

३.

सुंदरवन नेशनल पार्क के दक्षिण में स्थित हॉलिडे आइलैंड एक मशहूर टाइगर रिजर्व हैं।  हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों द्वारा हॉलिडे आइलैंड का दौरा किया जाता है। हॉलिडे आइलैंड पर जाने वाले पर्यटक बार्किंग हिरण को देखने का अनुभव ले सकते है।

४. कनक

सुंदरवन में देखने लायक स्थान कनक ओलिव रिडले कछुओं का निवास स्थान है जोकि खासतौर पर उथले पानी और समुद्र तटो पर पाए जाते हैं। प्रजन की अबधि के दौरान यह कछुए दूर से सुंदरवन क्षेत्र में आते हैं। यह स्थान यहाँ आपने वाले पर्यटकों के लिए सुखद अनुभव की अनुभूति कराता हैं

५.कटका

सुन्दरवन के पर्यटन में कटका सुंदरकांस में सफारी के लिए एक प्रसिद्ध स्थान है और यहाँ से बाघों की आबादी को भी देखा जा सकता हैं। इसके अलावा सुंदरवन में पक्षियों को देखने के लिए भी यह एक आदर्श स्थान हैं। कटका की यात्रा कर पर्यटक कई जंगली जानवर बाघ, हिरण, बंदर और पक्षियों को देख सकते हैं। ट्रेकिंग के शौकीन पर्यटकों के लिए भी यह एक आदर्श पॉइंट के रूप में जाना जाता हैं और यह काचीखली तक फैला हुआ हैं। इस स्थान को टाइगर पॉइंट के रूप में जाना जाता हैं।

सुन्दरवन का दर्शनीय स्थल कपिलमुनि मंदिर यहाँ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। कपिलमुनि मंदिर सुबह 6 बजे से शाम के 8 बजे तक खुला रहता हैं। पर्यटक दूर-दूर से इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं।

सजनेखली पक्षी अभयारण्य पीचक्ली और गोमती नदियों के बीच स्थित एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ पर्यटक सैर पर जा सकते हैं। सजनेखली बर्ड सेंचुरी सुंदरबन में टाइगर रिजर्व से सटे एग्रेस, बगुलों और पक्षियों की कई अन्य प्रजातियों का निवास स्थान है। टूरिस्ट यहां मैंग्रोव इंटरप्रिटेशन सेंटर भी जा सकते हैं। यह स्थान अपने यहाँ शानदार पक्षी अभ्यारण के लिए जाना जाता हैं।

भारत सेवाश्रम संघ मंदिर

सुंदरवन का दर्शनीय स्थल भारत सेवाश्रम संघ मंदिर पर्यटकों को बहुत अधिक आकर्षित करता हैं। यह मंदिर सुबह 6 बजे से शाम के 8 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता हैं। भारत सेवाश्रम संघ मंदिर में किसी प्रकार का कोई प्रवेश शुल्क नही लगता हैं।

हिरणपॉइंट सुंदरवन और खुलना जिले के दक्षिणी भाग में स्थित है एक आकर्षित टूरिस्ट प्लेस हैं।यह स्थान तीनों ओर से जल निकायों से घिरा हुआ हैं और खुलना रेंज के उत्तर में स्थित है। हिरन पॉइंट के पश्चिम में ओरपन गचिया नदी और पूर्व में पोरूर नदी बहती हैं। पर्यटकों  को यहाँ जानवरो की झलक देखने को मिल जाती हैं।

सप्तमुखी नदी से प्रवाहित भागबतपुर मगरमच्छ परियोजना नामखाना से कुछ ही घंटों की दूरी पर स्थित सुंदरवन का पर्यटन स्थल है। यह दुनिया के सबसे बड़े एस्टुरीन मगरमच्छों की हैचरी के रूप में जाना जाता है।

लोथियन द्वीप पक्षी अभयारण्य

लोथियन द्वीप पक्षी अभयारण्य दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित पश्चिम बंगाल के आकर्षित वन्यजीव अभ्यारण में से एक है। लोथियन द्वीप पक्षी अभयारण्य में कई प्रजाति के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमे से कुछ प्रमुख ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर, क्लब, टर्न, व्हाइट-बेल्ट सी-ईगल और व्हिम्ब्रेल आदि शामिल हैं।

 

पियाली सुंदरवन का प्रवेश द्वार हैं जोकि कोलकाता से 72 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। धान के खेतों से बहती हुई यह खूबसूरत नदी मतला नदी से मिलती है। पियाली डेल्टा रोमांटिक छुट्टियों मानाने वालो के लिए एक आदर्श स्थान के रूप में जाना जाता हैं।

सुंदरवन का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डब्लर चार द्वीप खुलना जिले के दक्षिणी भाग में स्थित है जोकि बंगाल की खाड़ी से सीमांत भाग भी बनाता है। डब्लर चार द्वीप के पूर्वी भाग में बहने वाली नदी पास्सुर नदी हैं और पश्चिमी किनारे पर शिभा नदी बहती हैं। मछली पकड़ने के लिए यह एक आदर्श स्थान हैं। सुंदरवन की यात्रा के दौरान पर्यटक इस स्थान का दौरा भी करते हैं।

टिन कोना आइसलैंड सुंदरवन में वन्यजीवों के लिए एक आकर्षित और लौकप्रिय स्थान है। जिसका शाब्दिक अर्थ तीन कोने वाले द्वीप से लिया गया है। टिन कोना द्वीप बाघ और हिरणों के लिए भी प्रसिद्ध है।

सुन्दरवन नेशनल पार्क की यात्रा पर जाने के लिए सबसे अच्छा समय दिसंबर और फरवरी महीने के बीच का माना जाता है क्योंकि यह मौसम सबसे सुखद है। हालांकि यह नेशनल पार्क पूरे वर्ष भर खुला रहता है लेकिन बाढ़ और बढ़ते हुए शिकारी गतिविधियों की वजह से मानसून के दौरान ज्यादातर बचा जाता है।


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